प्रोबायोटिक के फ़ायदे

प्रोबायोटिक : एक वरदान

प्रोबायोटिक क्या है?

प्रोबायोटिक मतलब नैचुरल माइक्रोऑर्गेनिज़म्स यानी प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों का ऐसा संतुलित मिश्रण जो पेट संबंधी समस्या का नाश करता है। मवेशियों एवं पशुओं के आहार में आज प्रोबायोटिक का उपयोग हर जगह किया जा रहा है। आज मोलिक्यूलर बायोलॉजी एवं जीनोम टेक्नोलॉजी की वजह से नए नए प्रोबायोटिक संयोजनों पर संशोधन हो रहा है। जिनका प्रयोग पशु आहार में किया जा रहा है।

व्यावसायिक तौर पर पाले जाने वाले मवेशियों एवं पालतु पशुओं के के आहार में प्रोबायोटिक मिलाकर उन्हें  पेट संबंधित समस्याओं से सुरक्षा दी जाती है। पिछले कुछ एक दशक में गाय, भैंस, मुर्गी, घोडें आदि के आहार में प्रोबायोटिक के उपयोग में काफ़ी बढौतरी हुई है। प्रोबायोटिक के इस्तेमाल की वजह से इन मवेशियों एवं पालतु पशुओं के स्वास्थ्य, उत्पादकता एवं रोग प्रतिरोधक शक्ति में काफ़ी सुधार हुआ है।

प्रोबायोटिक : एक वरदान

प्रोबायोटिक का इस्तेमाल कब करना चाहिए?

 ऐसे कई कारण हैं, जो मवेशियों तथा पालतू जानवरों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते

हैं। ‘गट प्रॉब्लम’ यानी पेट संबंधी समस्या उन्हीं में से एक है। निचे दि गई कारणों के सामने प्रोबायोटिक पाउडर माइक्रोबैक्टीरिया के लेवल को बनाएं रखने में सहायता करता है:
 

  • संक्रमण
  • तनाव,
  • मौसम में परिवर्तन
  • आहार में बदलाव
  • पोषण में कमी 
  • गर्भावस्था
  • ज्यादा परिश्रम

    कॉर्पोरेट ऑफिस

    २०९, वि प्लाज़ा, लक्ष्मी एक्न्क्लेव के सामने, गजेरा स्कुल रोड,
    कतारगाम, सूरत-३९५००४, गुजरात, भारत.